Thursday, 16 April 2020

मौखिक अभिव्यक्ति का क्या अर्थ है? - maukhik abhivyakti kya hai

मौखिक अभिव्यक्ति की परिभाषा:

मनुष्य दो प्रकार से अपने भावों को प्रकट करता है- बोलकर और लिखकर। इसी आधार पर भाषा के दो रूप बने हैं- मौखिक और लिखित। मौखिक भाषा से दो प्रकार के कौशलों का विकास होता है- वाचन (बोलना) और श्रवण (सुनना)।
मौखिक अभिव्यक्ति का उद्देश्य केवल अपनी बात दूसरे तक पहुँचाना ही नहीं है, अपितु भाषा को सही रूप से प्रयोग करना तथा प्रत्येक प्रत्येक अवसर के अनुसार भाषा का उचित प्रयोग करना भी है; जैसे-बड़ों के लिए अलग प्रकार की शब्दावली का प्रयोग किया जाता है (आप, कृपया, कीजिए, बैठिए, क्षमा कीजिए आदि)।
औपचारिक व अनौपचारिक संबंधों में अलग-अलग तरह की भाषा का प्रयोग किया जाता है।विवाह, उत्सव आदि अवसरों पर तथा शोक, दुर्घटना आदि के समय पर एक ही तरह की भाषा प्रयोग नहीं की जा सकती।
मौखिक अभिव्यक्ति के लिए निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए :
शुद्ध व स्पष्ट उच्चारण।उचित शब्दावली का प्रयोग।छोटे व सटीक वाक्य।भावानुकूल, सहज भाषा का प्रयोग।विराम-चिह्न किस बात पर बल देना है या किस पर नहीं- इस बात का ध्यान रखना।निस्संकोच भाव से/आत्मविश्वास के साथ बोलना।
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मौखिक अभिव्यक्ति के निम्नलिखित रूप होते हैं :
(1) काव्य-पाठ
(2) टेलीफोन-वार्ता
(3) कहानी कहना
(4) समाचार-वाचन
(5) भाषण
(6) घटना-वर्णन
(7) चुटकुले सुनाना
(8) चित्रवर्णन
(9) कार्यक्रम-संचालन
(10) अंत्याक्षरी
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